आज़माना हो अगर तो आज़माकर देखिये।

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offtracknews
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दिल्लगी ही दिल्लगी है दिल लगाकर देखिये ,
आज़माना हो अगर तो आज़माकर देखिये।

दिल किसी पर है फिदा नज़रें किसी पर हैं टिकी,
इश्क़ है सच्चा अगर आँखे मिलाकर देखिये।

क्या सुनाये आपको हम हाले दिल अपना भला,
खुद पता चल जाएगा नज़दीक आकर देखिये।

रोज हमको है रुलाया फिर भी हम खामोश थे ,
है अगर जो हौसला तो अब रुलाकर देखिये।

क्यू मै हूँ बैचेन इतना किसलिये मै हूँ उदास,
जानना है तो किसी से दिल लगाकर देखिये।

अश्क़ तो आँखों मे आएंगे है तय इक़बाल ये,
दास्ताँ अपनी किसी को भी सुनाकर देखिये।

इक़बाल बिजनोरी,
शेरकोट-बिजबोर यू0पी0

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