Monday, December 11, 2017
Authors Posts by SANJEEV RATHOR

SANJEEV RATHOR

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मन रे भज हरि-पद-कमल।

मन रे भज हरि-पद-कमल। जिन चरनों की महिमा न्यारी, पद-रज ने कितनों को तारी। शीतल,सुखद अमल।।मन रे! हरि-पद पूजे चित सँवरत है, नयनों में नव ज्योति जरत है। होते दुख...

सर्द रातों में माहताब भी काँपने लगा,

सर्द रातों में माहताब भी काँपने लगा, सुबह सिकुड़ने लगी आफताब हाँपने लगा। कोहरे की फैली घनी चादरों के आगे, कुदरत का सारा हिसाब काँपने लगा। डंक सी...

यकीन रिश्तों पर अब होता नहीं।

यकीन रिश्तों पर अब होता नहीं। जोर मुहब्बत में अब चलता नहीं।। पागल दिल है जाने कब मचल जाए। इसकी छटपटाहट का पता चलता नहीं।। हर कोई सूरज...

पी.बी.आई. का संकल्प है देश में

प्राउटिष्ट ब्लाक, इंडिया (पी.बी.आई.) भारतीय चुनाव आयोग द्वारा पंजीकृत एक राजनैतिक दल है। वर्तमान समय में यह दिल्ली, हरियाणा, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर...

तू जिन्दगी में मुस्कुरा बेवजह

तू जिन्दगी में मुस्कुरा बेवजह बस गीत लब पर गुनगुना बेवजह ! धोखे कपट से जीत लेते सभी तू प्यार से सबको हरा बेवजह ! सबके दिलों से...

अबोध बेटी गोद में,ताक रही है किसको,

अबोध बेटी गोद में,ताक रही है किसको, तात की विवशता का,ज्ञान नहीं है उसको। बालक कठिनता से ही, किरणों को भी रोके, बालसुलभ आशाओं को,खिलने से ही...

सभी अपनी-अपनी प्रशंसा कर रहे थे।

स्वाद अधिवेशन में वाद-विवाद प्रतियोगिता चल रही थी। सभी अपनी-अपनी प्रशंसा कर रहे थे। मिठाई अपनी प्रशंसा में फूली नहीं समा रही थी, "मुझे हर...

न जाने जमाने को क्या हो रहा है।

न जाने जमाने को क्या हो रहा है। हरिक आदमी खुद खुदा हो रहा है।। जमी धूल रिश्तों की चादर पे ऐसी । दिलों में कहीं फासला...

इंडिपेंडेंट मेल (हिंदी) ऑनलाइन में जरुरत है वेब कंटेंट राइटर की

इंडिपेंडेंट मेल (हिंदी) ऑनलाइन में जरुरत है वेब कंटेंट राइटर की इंडिपेंडेंट मेल (हिंदी) ऑनलाइन को कुछ वेब कंटेंट राइटर की आवश्यकता है यदि आपको...

बढ़ गया रंग रूप , कोई न दिखे कुरूप,

बढ़ गया रंग रूप , कोई न दिखे कुरूप, अब तो मोबाइल से, बनते महान है ! बदली है भेष भूषा, भाये न अब मंजूषा, होकर आजाद अब करते गुमान है...