साइबरक्राइम : महिलाएं एवं बच्चे सबसे ज्यादा शिकार

साइबरक्राइम : महिलाएं एवं बच्चे सबसे ज्यादा शिकार

337
2
SHARE

साइबरक्राइम : महिलाएं एवं बच्चे सबसे ज्यादा शिकार

आज तकनिकी के इस बढ़ते दौर में हमारा देश भारत भी पीछे नहीं है | आज भारत सुपर कंप्यूटर  “परम-8000” से लेकर चाँद पर जाने जैसी कई अहम् उपलब्धि हासिल कर चुका है | लेकिन आधुनिकता के इस जमाने ने बड़ी तेजी से तकनिकी को तो अपना लिया परन्तु तकनिकी के गलत इस्तेमाल से खुद को नहीं बचा पा रहे है |

साइबर अपराधी दूर विदेश में बैठे बैठे किसी को भी अपना शिकार बना सकता है | सूत्रों की माने तो भारत में होने वाले साइबर अपराधों में 60% से भी ज्यादा अपराध भोगी महिलाये एवं युवाहै | साइबर अपराधी महिलाओ एवं बच्चो को बड़ी आसानी से अपना शिकार बना लेता है | हाल ही में एक प्राइवेट कंपनी के सर्वे रिपोर्ट से पता चला है की महिलाओं के साथ होने वाले साइबर अपराध के केवल 10% मामले ही दर्ज़ होते है बाकी मामलो में महिला को अपनी इज्जत एवं सामाजिक छवि का हवाला देकर रोक लिया जाता है | इस हल्कि सी नासमझी के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद होते है एवं अपराध पर नियंत्रण भी नहीं हो पता है |

आज का हमारा उद्देस्य यही है की साइबर अपराध से कैसे बचा जाये और अपराध की स्थिति में क्या क्या करना चाहिए…….

ये बताने के लिए हमारे साथ ख़ास बातचीत की उम्मेद मील ने …

UMEED MEEL (CYBER CRIME INVESTIGATION,CYBER SECURITY)

में उम्मेद मील मैं साइबर क्राइम एक्सपर्ट हूँ | मैं दिल्ली , उत्तरप्रदेश, हरियाणा एवं राजस्थान के कई जिलों के पुलिस अधिकारियों को साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन का प्रशिक्षण दे चुका हूँ | साथ ही साथ कई बड़े साइबर अपराध के केस की गुथी सुलझाने में भी पुलिस की मदद की है | साइबर अपराध की रोकथाम के लिए कई बड़े स्कूल एवं कॉलेज में अवेयरनेस सेमिनार भी दे चुका हूँ |

साइबर क्राइम क्या है

साइबर अपराध, अपराध का एक नया नाम है | यदि कंप्यूटर, कंप्यूटर रिसोर्सेज एवं कंप्यूटर नेटवर्क का अगर किसी भी अपराध में शामिल होना पाया जाता है तो वो साइबर अपराध की श्रेणी में आता है | किसी की डिजिटल प्रॉपर्टी की बिना ओनर की इजाजत के बदलना, नष्ट करना या बाधित करना साइबर अपराध ही माना जाता है |

  1. आप ऑनलाइन मिलने वाले किसी भी व्यक्ति को अपनी असली पहचान न दें। इसमें आप का असली नाम, पता, स्कूल जानकारी, ई-मेलपता, पासवर्ड और बैंक खाता जानकारी शामिल है
  2. जिन लोगों को आप नहीं जानते उनके साथ वार्तालाप न करें या उनके साथ बातचीत शुरू न करें। उनके द्वारा दिए जाने वाले उपहार को स्वीकार न करें
  3. किसी असुरक्षित साइट से आपकी व्यक्तिगत जानकारी के लिए पूछे जाने वाले किसी भी सर्वेक्षण, सदस्यता या आवेदन फॉर्म को न भरें
  4. किसी भी सुरक्षा सेटिंग को अक्षम न करें जो आपके माता-पिता ने एंटीवायरस, फ़ायरवॉल, फ़िल्टरिंग और साइट निगरानी कार्य क्रमों जैसे सेट किए हैं।
  5. अपने माता-पिता को बताए बिना इंटरनेट पर मिले किसी से मिलने के लिए व्यवस्था न करें। इंटरनेट पर कुछ लोग झूठ बोलते हैं, वे कौन हैं, वे कितने पुराने हैं और वे आप से मिलना क्यों चाहते है  

    आखिर महिलाएं एवं युवा इसके शिकार क्यों

    आम तौर पर महिलाएं एवं युवा लोगो को ही अपराधी अपना शिकार बनाता है | सोशल मीडिया पर महिलाये एवं युवा बिना सोचे समझे कुछ भी अपलोड करते रहते है | कई बार तो उन्हें अंदाज़ा भी नहीं होता की उनके द्वारा अपलोड की गयी फोटो या स्टेटस से उनके परिवार या स्कूल में क्या गलत प्रभाव पड़ सकता है |

    उदाहरण के लिए आज प्रतिपर्धा के जमाने में कंही भी घूमने जाने से पहले व्यक्ति सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा स्टेटस जरूर डालता है “Enjoying in Shimla with Ummed Meel”.ऐसे स्टेटस का मतलब अपराधी को चोरी के लिए सीधा न्योता देना है | कई बार महिलाओ को उनके पति या बच्चो के नाम से नकली कॉल या एस एम एस किया जाता है, ऐसे में महिला हड़बड़ी में पैसे या अन्य डिमांड की हुई चीज देने को मजबूर हो जाती है|

    स्मार्ट फ़ोन प्राइवेसी के मामले में कितने सुरक्षित है

स्मार्ट फ़ोन एक लेवल तक ही सुरक्षित है | एंड्राइड फ़ोन में कई ऐसी एप्लीकेशन आती है जो आपके निजी डाटा चुराती रहती है | कुछ एप्लीकेशन आप की मर्ज़ी के बिना आप की लोकेशन तो कुछ एप्लीकेशन आप के कांटेक्ट, कॉल हिस्ट्री या प्राइवेट फोटोज चुरा रहे होंगे | महिलाये स्मार्ट फ़ोन पर कुछ ऐसी एप्लीकेशन प्रयोग करती है जो उन्हें रोज़ ड्रेस कोड या कई अलग अलग ब्यूटी नुख्से देती है | ऐसी एप्लीकेशन से बचे जो आपको किसी तरह की मनी बैक या कुछ फ्री में देने जैसे लालची ऑफर देती हो |

एंड्राइड फ़ोन को कैसे सुरक्षित रख सकते है

  • एंड्राइड सॉफ्टवेयर को समय समय पर अपडेट करते रहे
  • किसी अनजान व्यक्ति को अपना फ़ोन ना दे
  • किसी अनजान व्यक्ति के चार्जर से अपना फ़ोन चार्ज ना लगाए
  • प्लेस्टोर के अलावा कंही से भी कोई भी एप्लीकेशन डाउनलोड ना करे
  • एंड्राइड फ़ोन में अगर बैटरी जल्दी खत्म होने, गर्म होने या डाटा की ज्यादा खपत जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत फॉर्मेट या किसी एक्सपर्ट से चेक करवाए
  • किसी भी लालची ऑफर में फंसकर अपने फ़ोन में कोई एप्लीकेशन इनस्टॉल न करे
  • अनजान या भीड़ भाड़ वाली जगह पर फ़ोन के इस्तेमाल से बचे
  • फ़ोन में इंटरनेट तभी चालू करे जब आपको जरूरत हो                                                                     इंटरनेट को सही एवं सुरक्षित यूज  करने के तरीके बताये

    इंटरनेट के बारे में पहले तो एक चीज जान ले की, यह कोई भी फोटो या वीडियो अपलोड होने के बाद उस को पूरी तरह से इंटरनेट से नहीं हटाया जा सकता क्यूंकि अपलोड होने के अगले कुछ ही पलों में उसकी हजारो प्रतिलिपि बन जाती है | इंटरनेट पर कुछ भी अपलोड करने से पहले ये दोबार सोचना चाहिए की कंही ये फोटो या वीडियो मेरी जिंदगी को किसी तरह से प्रभावित तो नहीं कर रहा है|

    चैट रूम में कैसी सावधानियाँ बरतनी चाहिए

    चैट रूम उन ऍप्लिकेशन्स का सयुंक्त नाम है जो इंटरनेट पर बातचीत के लिए उपयोग में ली जाती है , जैसे की फेसबुक मेसेंजर, व्हाट्सप्प या स्काइप। चैट रूम बहुत ही सावधानी से यूज करना चाहिए क्यूंकि यह हमें ये भी पता नहीं होता की सामने से बात करने वाला व्यक्ति कौन है | चैटरूम में कभी भी किसी को भी अपनी निजी जानकारी या फोटो नहीं भेजनी चाहिए। कई बार पुलिस केस में देखा गया है की कोई 16 साल की लड़की बन कर फेसबुक पर बात कर रहा है लेकिन उस की असली उम्र 70-75 है |

    कुछ अन्य सुझाव – क्या करे क्या न करे

  • कभी भी किसी अनजान व्यक्ति से आयी ईमेल को ना खोले
  • अगर कोई बैंक या ऑफिस की ईमेल आपको कोई अनजान सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करने के लिए बोले ऐसे मेल को कभी ना खोले
  • बैंक के नाम से अगर कोई मैसेज या कॉल आये तो उनके साथ अपनी निजी जानकारी जैसे की पिन, ओटीपी या कार्डनंबर साँझा ना करे
  • महिलाये वाशरूम या बैडरूम में स्मार्टफ़ोन ले जाने से बचे
  • प्लेस्टोर के अलावा कोई थर्ड पार्टी एप्लीकेशन इनस्टॉल न करे
  • फ्री वाईफाई या पब्लिक वाईफाई पर जुड़ने से बचे
  • अगर आप के बच्चे त्वरित संदेश भेजने या चैट रूम में प्रवेश कर रहे हैं, तो बच्चो को लगातार मॉनिटर करते रहे
  • जब भी आप चैट रूम और फ़ोरम में प्रवेश करते हैं तो उपनाम का उपयोग करें
  • चैट तुरंत बंद करें यदि आप हिंसा, नग्नता, अश्लील साहित्य और अन्य सामग्रियों देखे तो
  • अपने माता-पिता को तुरंत इस बारे में बताएं
  • इंटरनेट पर अन्य उपयोग कर्ताओं की गोपनीयता का सम्मान करें, जैसे आप अपनी गोपनीयता का सम्मान करते हैं।
  • अपने माता-पिता एवं पुलिस से कुछ भी छिपाएं नहीं

 

साइबर अपराध होने की स्थिति में क्या क्या कानूनी प्रावधान है 

भारत में साइबर अपराध के मामलो से निपटने के लिए पहली बार सन 2000 में आईटी एक्ट बना था। समय समय पर आईटी एक्ट में संसोधन भी होते रहे है। कोई भी व्यक्ति अगर किसी की डिजिटल प्रॉपर्टी या व्यक्क्ति को फ्रॉड या दोखाधड़ी से कुछ नुकसान पहुंचता है तो आईटी एक्ट में नुक्सान भर पाई के साथ साथ पहली बार अपराध कर ने पर तीन साल एवं दुबारा करने पर सात साल की सजा का प्रावधान है |

शिकायत दर्ज़ करने की लिए पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन एफआईआर करने की सुविधा है।

 

2 COMMENTS

  1. Thanks Ummed Meel Sir for this article. You may remember, you came to give a seminar on cyber crime awareness in our college. Hope you will continue to give us such good information. Thank you

LEAVE A REPLY