⁠⁠⁠रोहिंग्या को भारत में शरण क्यों नहीं देना चाहिए ??

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रोहिंग्या मुसलमानों को लेके देश में राजनीति गर्म हो रही है पक्ष और विपक्ष दोनों  इस पे अपने तर्क दे रहे है | इसी कड़ी में हमने बात की नेशनल यूथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रजनीश झा से |

रोहिंग्या को भारत में शरण क्यों नहीं देना चाहिए ??
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1. भारत बढ़ती जनसंख्या से पहले से ही परेशान है, अगर 10 लाख लोग देश के किसी भी हिस्से में बाहर से आकर बस जाए, तो उस क्षेत्र की राजनीति, सामाजिक, संस्कृति, कानून व्यवस्था व् अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा ।।

2. भारत के प्रत्येक हिस्से में मूलभूत संसाधन की कमी है, देश का ऐसा कोई भी कोना नहीं जहाँ प्रयाप्त मात्रा में हॉस्पिटल, स्कूल, पिने का पानी व् अन्य संसाधन उपलब्ध हो, ऐसे स्थिति में अगर कही पर एक बहुत बड़ी आबादी बस जाय तो वहाँ बहुत बड़ा समस्या पैदा होगा और लोग इलाज व् पानी के बिना वहाँ मरने लगेंगे ।।

3. देश में सरकार जनसँख्या नियंत्रण करने के लिए जो प्रयास कर रही है, उसको बहुत बड़ा झटका लगेगा, क्योकि रोहिंग्या मुस्लिम के प्रति परिवार बच्चे पैदा करने का औसत 7.2 है, जबकि भारत का 2.3 है ।।

4. म्यांमार (वर्मा) में रोहिंग्या द्वारा जिस तरह से म्यांमार के रखाइन प्रान्त को अलग देश बनाने के लिए अपना सेना (आतंकी संगठन) बनाया गया, वे उसके संप्रभुता के खिलाफ हैं । अगर भारत का रोहिंग्या को यहाँ शरण देना सही है, तो फिर कश्मीरी आतंकबादी को पाकिस्तान में शरण देना भी सही माना जाएगा ??

5. रोहिंग्या द्वारा जिस तरह म्यांमार के रखाइन प्रान्त से बौद्ध धर्म के मानने वाले पर अत्याचार किया वो असहनीय था । 400 से अधिक खेत में काम करने वाले बौद्ध पर छुप कर हत्या, 100 से अधिक बौद्ध गाँव को जलाना, 700 से अधिक बौद्ध महिला व् बच्ची का बलात्कार करना व् दर्जनों सेना कैम्प व् चौकी पर रात के अंधेरे में हमला करना, ये सब देशद्रोही कृत है और ये सब भारत में भी यही करेगें ।।

6. म्यांमार (वर्मा) की सेना ने रोहिंग्या मुस्लिम के उसी गाँव में आग लगाया, जिस गाँव में आतंकबादी के तलाश में गये सेना के खिलाफ बूढ़े, बच्चे व् महिला ने सेना को गाँव में घुसने से रोका, उस गाँव के रोहिंग्या मुस्लिम को कुछ भी नहीं कहा जो सेना को तलाशी अभियान में सहयोग किया । फिर वहां से भागकर आये हुए अधिकतर वही लोग है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकबादी या देश को तोड़ने वाले के साथ खड़ा था ।।

7. अगर भारत, म्यांमार के खिलाफ रोहिंग्या का समर्थन करता हैं, तो म्यांमार भारत के बजाय चीन के नजदीक जाएगा, क्योकि ये देश दोनों का पड़ोसी हैं । दूसरी बात भारत अपने उत्तर-पूर्व के उग्रवाद को समाप्त करने के लिये म्यांमार का धरती उपयोग करता रहा है और म्यांमार हमेशा भारत के समर्थन में खड़ा रहा हैं । लेकिन ऐसी स्थिति में म्यांमार भी अपनी भूमि भारतीय सेना को उपयोग नहीं करने देगा जिस से उतर-पूर्व में एक बार फिर से आतंकबाद सर उठा लेगा ।।

अगर हमारा देश कुछ अंतराष्ट्रीय तारीफ के लिए व् कुछ लाख लोगो के दवाब में रोहिंग्या मुस्लिम को भारत में बसाता हैं, तो हम कश्मीर व् उतर-पूर्व में आतंकबाद कभी भी समाप्त नहीं कर सकते, साथ ही इन रोहिंग्या द्वारा जो अपराध किया जाएगा वो अलग है ।।

रजनीश झा
राष्ट्रीय महासचिव
नेशनल यूथ पार्टी

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