Saturday, December 16, 2017
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न जाने जमाने को क्या हो रहा है।

न जाने जमाने को क्या हो रहा है। हरिक आदमी खुद खुदा हो रहा है।। जमी धूल रिश्तों की चादर पे ऐसी । दिलों में कहीं फासला...

गुज़रती रहीं इक नज़र दूर तक है

गुज़रती रहीं इक नज़र दूर तक है नज़र में नज़र का असर दूर तक है। चले हम चले तुम चले ज़िन्दगी भी सुनो ज़िन्दगी का सफ़र दूर...

भूख बड़ी ही गजब चीज हैं,कुछ भी करवा जाती हैं। 

भूख बड़ी ही गजब चीज हैं,कुछ भी करवा जाती हैं। या  तो  खुद  मर  जाती  हैं  या,दूजों को मरवाती हैं। जो भी करना ना चाहें  हम,...

हाँ मैं एक नारी हूँ

हाँ मैं एक नारी हूँ,मैं सब संभाल लेती हूँ । हर मुश्किल से खुद को उबार लेती हूँ । नहीं मिलता वक्त मुझे घर गृहस्थी से...

भारत में दिन कितने अच्छे हैं।

भारत में दिन कितने अच्छे हैं। रोटी को तरसते यहाँ बच्चे हैं।। नकली यति बन देश को लूटा। आज के साधु कितने सच्चे हैं।। भूख इस कद्र देखी...

बोलो क्यों न कुछ बोल रही हो तुम

क्या हुआ है तुमको  , क्यों न कुछ बोल रही हो तुम  ? चीख रहा है #अंतर्मन  , क्यों न कुछ बोल रही हो तुम   ? लुट...

बच्चे के सिर से बहुत खून बह गया है

" बच्चे के सिर से बहुत खून बह गया है,आप जल्दी से जल्दी दो बोतल खून की व्यवस्था कर लीजिए। अस्पताल में बच्चे के...

आज़माना हो अगर तो आज़माकर देखिये।

दिल्लगी ही दिल्लगी है दिल लगाकर देखिये , आज़माना हो अगर तो आज़माकर देखिये। दिल किसी पर है फिदा नज़रें किसी पर हैं टिकी, इश्क़ है सच्चा...

मंजिल को पाने को राही,ठोकर तो खानी ही होगी,

मंजिल को पाने को राही,ठोकर तो खानी ही होगी, कठिन मार्ग है पहले खुद को,राहें तो बनानी ही होगी। मुश्किल देख राह से मुड़ना,है बहुत बड़ी...

मंजिल तक गर  पहुंचना ,  रखें लक्ष्य को ध्यान ।

मंजिल तक गर  पहुंचना ,  रखें लक्ष्य को ध्यान । श्रम, प्रयास औ कर्म से , लक्ष्य होय आसान।। कदम कदम चलते रहें , मंजिल आती...

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