उन्नाव के बांगरमऊ विधानसभा से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए एक किशोरी ने कल लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर परिवार संग आत्मदाह का प्रयास किया। परिवार का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कुलदीप सिंह सेंगर ने इस गंभीर आरोप को बेहद हल्के ढंग से लिया। सेंगर ने कहा कि किशोरी के आरोप निराधार हैं।

 

किशोरी के आत्मदाह के प्रयास के बाद उन्नाव जिले के भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर ने भी अपना पक्ष रखा है। सेंगर का कहना है कि आत्महत्या का झूठा नाटक रचा गया जो सोची समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। यह मेरी राजनीतिक छवि धूमिल करने का प्रयास है। आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता और चाचा हिस्ट्रीशीटर और बड़े अपराधी हैं। कहा, मेरे परिवार में ग्राम प्रधानी लंबे समय से है, जिसकी रंजिश के चलते कुछ विरोधियों ने इस नाटक की पूरी कहानी रची है। इस परिवार को मोहरा बनाकर मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है। इस षड्यंत्र में माखी क्षेत्र के अपराधियों की भूमिका है।

मुझे फंसाने के लिए घटना को अंजाम दिया गया है। विधायक ने कहा कि इन्हीं लोगों ने 2002 में मुझे और कार्यकर्ताओं को फसाने के लिए सतीश राजपाल उर्फ गुल्लू बाबू के लड़के का अपहरण किया था। जब मामले की हकीकत सामने आई तो यही लोग दोषी पाए गए।

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाए साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि किन लोगों ने इनसे बात की है। विधायक ने कहा कि आत्मदाह करके मुझे फसाने के लिए प्रेरित करने वालों की भी जांच की जानी चाहिए। विधायक ने कहा कि इस मामले की तह तक जांच की जाए और दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

विधायक ने कहा कि मामले की स्पष्ट जांच करते हुए दोषी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। विधायक ने कहा कि आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता व चाचा हिस्ट्रीशीटर हैं। माखी थाने में महिला इनके ऊपर कई मुकदमे दर्ज हैं। 26 मुकदमे पिता के ऊपर हैं और 16 मुकदमे चाचा के ऊपर हैं।

 

विधायक ने कहा कि आरोप लगाने वाली किशोरी ने 20 जून को एक मुकदमा कायम कराया था। जिन लोगों पर इस महिला ने आरोप लगाए थे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन सभी आरोपियों को पकड़ा। जिसमें 161 व 164 के बयान हुए थे। इस मामले में दो निर्दोष लोगों को लिखाया गया था। जिसमें एक मां और उसकी बेटी थी। पुलिस ने उन दोनों को विवेचना में निर्दोष पाया था।

निर्दोष मां-बेटियों को पुलिस ने विवेचना में बरी होने के मामले में इस महिला को ऐसा लगता है कि मैने उन दोनों मां-बेटियों की सिफारिश की है। इसके बाद से मुझे बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया। जिसकी समय-समय पर मेरे कार्यकर्ताओं ने संबंधित पुलिस स्टेशन पर मानहानि के मुकदमे भी लिखवाए।

मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली गैंगरेप पीडि़ता के पिता जेल में संदिग्ध परिस्थियों में मौत है। रेप पीडि़ता का आरोप है कि विधायक के दबंग भाई और उनके गुर्गे घर से उसके पिता को घसीटते असलहे के बल पर ले गए। जिसके बाद उन्हें पेड़ से बांध का जमकर पीटा गया था। उसके बाद उन्हें पुलिस की मिलीभगत से हवालात में बंद कर दिया गया, जहां इलाज अभाव में उसकी मौत हो गई। पीडि़ता का कहना है कि जल्द ही उसे भी मौत के घाट उतार दिया जाएगा।

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