दिल्ली के क्रांतिकारी बाइकर को हमारा प्रणाम | उसकी निष्ठां को पढ़े और सलाम करे

आज सुबह मैं डाबडी से घर आ ही रहा था कि एक युवक अपने वाहन ( bike ) से बहुत जबरदस्त तरीके और तेजी से मेरे बगल से निकला । उसकी गति देख कर मुझे एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे बुलेट ट्रेन का engine बगल से निकल गया , खैर नवयुवक था , जवानी के जोश में पूरी दुनिया को पीछे करने की शायद प्रतिज्ञा ले रखी होगी उसने , और उसने सोचा होगा कि पढ़ाई लिखाई करके तो मैं दुनिया को पीछे नही कर सकता तो bike से सबको पीछे कर देता हूं । कारण जो भी रहा हो , उसका वाहन चलते हुए या यूं कहें उड़ते हुए लाल बत्ती तक आ गया और उस युवक ने लाल बत्ती देख कर , बाबा साहेब के संविधान में अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए अपने वाहन को रोक दिया । मैं भी पीछे से रेंगता हुआ उसके समीप पहुँचा , देखा तो अभी सिग्नल green होने में 1 मिनट का समय शेष है । मैने सोचा उस युवक को बता दु कि मैं उसकी वाहन चलाने की कला से कितना प्रभावित हुआ , परंतु तभी मैने देखा कि उसके वाहन से काफी काला धुंआ निकल रहा है । ये देख अचानक मेरे अंदर का पर्यावरण प्रेमी वैसे ही कुछ पल के लिए जग गया , जैसे मिलार्ड के अंदर का जगता है , दीवाली वाले दिन । मैंने उस युवक से कहा – भाई साहब , आपका वाहन दिल्ली के प्रदूषण स्तर को बढ़ाने में अपना बहुमुल्य योगदान दे रहा है , यदि ये योगदान इसी प्रकार निरंतर बना रहा तो शीघ्र ही दिल्ली , प्रदूषित शहरों में शीर्ष पर होगी । मेरी इस बात पर वह युवक क्रोधित भी हो सकता था , किन्तु उसने ऐसा नही किया और पूरी विनम्रता से कहा – अरे भइया , आप गलत समझ रहे हो । मनुष्य तो मास्क पहन कर बच जाएगा लेकिन इस धुंए से सारे मच्छर मर जायेंगे , मलेरिया और डेंगू के स्तर में कितनी गिरावट आएगी , अस्पतालों पे बोझ कम होगा , लोगो का जो पैसा इलाज पे खर्च होने वाला था वो बचेगा , इसलिए इसके फायदे ज्यादा है । ऐसा उत्तर देकर वो युवक अपने वाहन को पुष्पक विमान की गति से चलाता हुआ मेरी दृष्टि से ओझल हो गया । मैने भी मन ही मन उस क्रांतिकारी युवक को ढंडवत प्रणाम किया और उसके सकारात्मक नजरिये (positive view )को एक सीख की भांति हृदय में सहेज कर आगे बढ़ गया । धन्य है ये भारत भूमि जिस पर ऐसे सपूत पैदा होते है 🙏🙏

 

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