स्वयंभू ‘भगवान’ आसुमल हरपलाणी उर्फ आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की से रेप के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

आसाराम के अलावा जुर्म में आसाराम के दो सहयोगियों शिल्पी और शरतचंद्र को भी दोषी ठहराया गया है और उन्हें 20-20 साल की सजा दी गई है

वहीं इस रेप मामले की पीड़‍िता शाहजहांपुर स्थित अपने घर पर इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रही थी.

हालांकि फैसला सुनने के बाद पीड़िता ने एक बड़ा बयान द‍िया है.

पीड़िता का यह बयान कई दूसरी पीड़िताओं के लिए मिसाल बनने का काम कर सकता है

आसाराम को सजा मिलने पर पीड़‍िता बोलीं कि न्याय में भरोसा बढ़ गया.  मेरा आईएएस अफसर बनने का इरादा और भी पक्का हो गया

कोर्ट का फैसला आने के बाद पीड़िता ने कहा कि हमें न्याय मिल गया है. हमें पहले डर था, पर अब हमारा न्याय में भरोसा बढ़ गया है. बातें यही होती थीं कि फैसला आने में बरसों लग जाते हैं और फिर भी आरोप साबित नहीं हो पाते.

पीड़ि‍ता ने बताया कि यह लड़ाई काफी मुश्‍किल थी.

आसाराम जैसे रसूखदार बाबा से लड़ाई लड़ना आसान नहीं था.

पीड़‍िता ने अपने हौसलों से दूसरी महिलाओं को भी हिम्‍मत दी और कहा कि ऐसी परिस्थिति आए तो उससे डरें और घबराएं नहीं, पूरे साहस और आत्मविश्वास से डटकर मुकाबला करें.

पीड़‍िता ने अपने हौसलों से दूसरी महिलाओं को भी हिम्‍मत दी और कहा कि ऐसी परिस्थिति आए तो उससे डरें और घबराएं नहीं, पूरे साहस और आत्मविश्वास से डटकर मुकाबला करें.

आपको बता दें कि मंगलवार को ही पीड़िता बीए सेकंड ईयर का पेपर देकर आई है.

  • पुलिस चार्जशीट में दर्ज पीड़िता के बयान के मुताबिक, वह आसाराम के गुरुकुल में पढ़ती थी. 6 अगस्त 2013 को उसकी तबीयत खराब होने के बाद दोषी शिल्पी ने कहा कि उसे भूत का साया है. इसे बापू ही दूर करेंगे. 14 अगस्त 2013 को लड़की को आश्रम ले जाया गया. 15 और 16 अगस्त 2013 की रात उसे कुटिया में बुलाया गया. इसके बाद आसाराम ने लड़की के साथ रेप किया |

 

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