जाते हुये लम्हों ,याद इतना रखना
तेरी झोली में है ,वो सौगात रखना
कभी न आओगे अब पलट कर तुम
होठों पर लेकिन मीठी मुस्कान रखना
यादों में ही कभी हम मिल जायें शायद
दिल में मेरे लिये इक मुकाम रखना
तुम अडिग चलते रहना नये शजर
हम तन्हा ही जी लेगें तेरा ये सफर
नये सफर पर आशा,उम्मीद के कदम
मिले सभी को खुशियाँ,न मिले दर्द
खिलाना प्यार ,प्रीत ,खुशियों के फूल
मिल कोई राह में गम पुराना अगर
लगाना गले तत्क्षण देकर आस के कूल
जा रहे हो ,चलो कह दूँ तुमको भी #अलविदा
चाहा जिसे वो मेरे पास कब है टिका
अपने आँसुओं को भूल यादों में मुस्काऊँगी
जाते जाते दिया जो वो उपहार दिखाऊँगी
आना नये वेश नये भेष में ही क्यूँ ना
फिर भी तुमको मैं पहिचान तो जाऊँगी
जाओ भी ,ना कतरा ए अश्क बहाऊँगी
तुम्हारी उम्मीदों पर नया लक्ष्य बनाऊँगी
अलविदा 2017 ,मिलेंगे फिर हम
इस उम्मीद में बढ़ाते हैं कदम

मनोरमा पाखी

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One thought on “अलविदा …..तुमको”

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