दुःख मैया उठावै हज़ार,
ओ बेटा ध्यान धरियो  I
माँ मिलती बस इक बार
ओ बेटा ध्यान धरियो  II

नौ दस माह गरभ में धारे-२
फिर सहबे पीड़ा अपार
ओ बेटा ध्यान धरियो  II

सारी रैना गोद सुलावे-२
वो दीन्ही निंदिया वार
ओ बेटा ध्यान धरियो II

तेरी ख़ुशी में सब गम भूले-२
दुःख में अंसुवन धार,
ओ बेटा ध्यान धरियो II

माँ है मीठी दुआओं की थाली -२
माँ है ममता का सार,
ओ बेटा ध्यान धरियो II

माँ को दरद कभी न दीजो-२
न उतरे इसका उधार,
ओ बेटा ध्यान धरियो II

दुःख मैया उठावै हज़ार,
ओ बेटा ध्यान धरियो  I
माँ मिलती बस इक बार
ओ बेटा ध्यान धरियो  II

डॉ गीता चौहान
(स्वरचित)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *