offtracknews

दोस्तो आदाब
आज का मिसरा। धड़कनों में आप आकर देखिये
फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फाइलुन
2122       2122     212
     ग़ज़ल
प्यार हमसे भी निभा कर देखिये
गीत ये सुनकर सुनाकर देखिये

इश्क़ का मज़मून पाएंगे यहां
धड़कनों में आप आकर देखिये

शाइरी का बस यही उनबान है
इक ग़ज़ल तो गुनगुना कर देखिये

संग दिल माना बहुत है ये सनम
देवता इसको बना कर देखिये

मुद्दतों से ख़्वाब ये बेचैन हैं
चैन इनको भी दिलाकर देखिये

मीर की कोई ग़ज़ल इक़ आप भी
यार दिलबर को सुनाकर देखिये

शिड्ढते तन्हाई है गर जानना
हिज्र के नज़दीक जाकर देखिये

ग़म गुसारी के लिये ये शर्त है
ग़म ज़रा सा आज़माकर देखिये

तिश्नगी बढ़ने लगे जब ये मकीं
आंख को साग़र बनाकर देखिये

डॉ मकीन कौंचवी मौलिक ग़ज़ल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *