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शहरों की आबादी बढ़ती जा रही
भोजन थाली मंहगी होती जा रही
काट दिए आदमी ने सारे पेड़ों को
खेतों की अब मिट्टी बहती जा रही
जहरीली हवा ने जीना दूभर किया
बस्तियाँ इंसानों की सहती जा रही
नालों में घर बना रह रहे लोग यहाँ
जगह की अब कमी होती जा रही
मंहगाई सुरसा के मुँह सी बढ़ रही
आत्महत्या देश मे बढ़ती जा रही
सरहद पर जवान रोज शहीद होते
शांति की बातें झूंठी होती जा रही
मुँह तोड़ जवाब नहीं दे रहा देश
लोकतंत्र की नैया डूबती जा रही
स्वच्छ भारत बना बड़ा सुंदर लगा
ढोंगी संतों को सजा होती जा रही
देश विजन दो हज़ार बीस ओर है
विकास की  गति बढ़ती जा रही
कलाम के सपनों का भारत बने
ऐसा  युवा पीढ़ी कहती जा रही
कवि राजेश पुरोहित
भवानीमंडी

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