तुम वो अल्फाज हो,
    जिसको दिल के पन्नों पर लिखना चाहता हुँ।
तुम वो ताज हो ,
              जिसको रग रग में सजाना चाहता हुँ।
तुम वो गीत हो,
              जिसको हररोज गुनगुनाना चाहता हुँ।
तुम वो मीत हो,
जिसको आखिरी सांस तक अपनाना चाहता हुँ।
तुम वो ख्वाब हो ,
             जिसको हरपल पुरा देखना चाहता हुँ।
तुम वो मुरत हो,
        जिसको हरपल दिल में छुपाना चाहता हुँ।
तुम वो सुरत हो,
        जिसको हरपल दुआ में मांगना चाहता हुँ।
तुम वो अहसास हो,
               जिसको हरपल महकाना चाहता हुँ ।
तुम वो तस्वीर हो,
     जिसको हरपल आइने में देखना चाहता हुँ ।
तुम वो जहाँ हो,
                  जहां सिर्फ मैं खो जाना चाहता हुँ।
तुम वो नाम हो,
              जिसका सिर्फ मैं हो जाना चाहता हुँ ।
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 चौधरी अर्जुन थालौङ

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